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रामनवमी पर आज घर पर ही इस तरह करें हवन पूजन

न्यूज नजर : कोरोना वायरस की वजह से इस बार भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव भी लॉक डाउन के साए में है। लोगों ने चैत्रीय नवरात्र भी घरों में ही मनाए हैं।
 सनातन धर्म के अनुसार जिन भक्‍तों ने नवरात्र के पूरे व्रत रखे हैं, उनके लिए नवमी पर हवन करना और कन्‍या पूजन करना अनिवार्य माना जाता है। इस बार बंदी में पुरोहित को बुलाकर हवन कर पाना संभव नहीं है। ऐसे में आप स्वयं ही इस प्रकार घर में हवन कर सकते हैं।
 सरकार ने लॉक डाउन में जरूरी सामान की दुकानों को खुला रखने की इजाजत दी है। किराना की दुकान से आप यह सामग्री खरीद लाएं।

सामग्री

आम की लकड़ी और आम का पल्‍लव। पीपल का तना और छाल, बेल, नीम, पलाश गूलर की छाल, चंदन की लकड़ी, अश्‍वगंधा ब्रह्मी, मुलैठी की जड़, कर्पूर, तिल, चावल, लौंग, गाय का घी, गुग्‍गल, लोबार, इलाइची, शक्‍कर, नवग्रह की लकड़ी, पंचमेवा, सूखा नारियल और गोला और जौ।

यह करें तैयारी

 जिन-जिन लोगों को हवन में बैठना है वह स्‍नान करके स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण करें। शास्‍त्रों के मुताबिक, पति और पत्‍नी यदि जोड़े से हवन करें तो उसका पूर्ण फल प्राप्‍त होता है। सभी वस्‍तुओं को शहद और घी के साथ मिलाकर हवन सामग्री बना लें।
कुछ लोग अष्‍टमी पर तो कुछ लोग नवमी पर हवन करते हैं। हवन करने के लिए आप सबसे पहले हवन कुंड को एक साफ स्‍थान पर स्‍थापित कर दें। इसके बाद आम की लकड़ी और कर्पूर से हवन कुंड में अग्नि को प्रज्‍जवलित करें। इसके बाद बाद घी से ‘ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डयै विच्चै नमः’ मंत्र से माता के नाम से आहुति दें फिर सभी देवी-देवताओं से नाम से 3 या 5 बार आहुति दें। इसके बाद संपूर्ण हवन सामग्री से 108 बार हवन करें।
हवन पूर्ण होने के बाद माताजी की कपूर और घी के दीपक से आरती करें। उसके बाद माता रानी को खीर, हलवा, पूड़ी और चने का भोग लगाएं। हवन पूर्ण होने के बाद कन्‍या भोज करवाया जाता है। लेकिन इस बार कन्‍या भोज करवा पाना संभव नहीं होगा, इसलिए आप चाहें तो अपने घर की कन्‍या को भी पूज सकते हैं और भोजन करवाकर दक्षिणा दे सकते हैं।

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