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दर्जी समाज को नि:शुल्क खाद्य योजना में शामिल किया जाए

जयपुर। राजस्थान सरकार ने 15 मई को राज्य के समस्त जिला कलेक्टर के माध्यम से तत्काल प्रभाव से सर्वे कर एक सूची बनाने के लिए आदेश जारी किया है। इसमें खाद्य सुरक्षा अधिनियम से वंचित विभिन्न कामगार दस्तकारी से जुड़े लोगों राहत पैकेज के अंतर्गत निःशुल्क राशन दे के लिए योजना बनाई हैं।
इनमें मन्दिर में पूजा पाठ कराने वाले पंडित, अन्य पूजा पाठ कराने वाले कर्मकांडी पंडित, नाई, धोबी, मोची, घरेलू नौकर, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, पानवाला, वेटर, रद्दी वाले, निर्माण मजदूर, बन्द उद्योगों के मजदूर, बाहर से आये मजदूर, ड्राइवर-कंडक्टर, ठेले-रेहड़ी वाले, मैरेज पैलेस सिनेमा हॉल में काम करने वाले मजदूर, कोचिंग संस्थानों के नौकर, बैंड वादक, घोड़ी चालक,कैटरिंग कार्मिक व आरा मशीन श्रमिक होंगे। लेकिन दर्जी समाज को शामिल नहीं करने से रोष है।
 दर्जी समाज के श्री लादुराम टाक, अध्यक्ष , श्री नामदेव टाक छत्रीय दर्जी समाज चेरिटेबल ट्रस्ट, नागौर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके राज्य सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि  कपडे की सिलाई कर अपने परिवार का पेट पालने के  कार्य से जुड़े परिवार को इस योजना में शामिल नही किया गया हैं जो दर्जी समाज के साथ अन्याय है। क्योंकि दर्जी समाज भी कामगार दस्तकार कार्य प्राचीन काल से करता आ रहा हैं।
इस लॉक डाउन की वजह से सिलाई कला से जुड़े परिवारों का रोजगार छिन गया। जिसकी वजह से इन हजारो परिवारों पर रोजी रोटी का संकट आ गया हैं। राजस्थान सरकार के इस आदेश में दर्जी समाज को शामिल नहीं करने का म नामदेव टाक छत्रीय महासभा राजस्थान पुरजोर विरोध करती है एवं सरकार से मांग करती है कि दर्जी समाज को इस योजना में जोड़ा जाएं। अन्यथा दर्जी समाज की नामदेव टाक छत्रीय महासभा सम्पूर्ण राजस्थान में सरकार के इस भेदभाव पूर्ण आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध करेगी।

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