Breaking News
Home / breaking / प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची पीपल के पेड़ की शिकायत

प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची पीपल के पेड़ की शिकायत

नई दिल्ली। एक घर का मालिक एक पीपल के पेड़ से काफी ज्यादा परेशान है, परेशानी का आलम इस कदर बढ़ गया है कि घर के मालिक ने पेड़ की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में दर्ज कराई। दरअसल, दिल्ली में एशियन विलेज से यह मामला सामने आया है, जहां एक पीपल का पेड़ करोड़ों रुपये के एक घर को काफी नुकसान पहुंच रहा है।
दिल्ली के मुख्य रियल एस्टेट बाजारों में 6-7 करोड़ रुपये के बाजार मूल्य के एक फ्लैट की नींव को पीपल का पेड़ खोखला कर रहा हो, तो आप क्या करेंगे? जाहिर-सी बात है कि पेड़ को कटवाने की कोशिश की जाएगी लेकिन रिटायर्ड आईआरएस अधिकारी अजय अग्निहोत्री को अपनी ऐसी ही एक समस्या के कारण इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पीपल के पेड़ के कारण घर को काफी नुकसान पहुंच रहा है।
बता दें कि अजय अग्निहोत्री उन करीब 80 लोगों में शामिल थे, जिन्होंने सरकारी प्राइम हाउसिंग सोसायटी में फ्लैट खरीदा था।
अपनी पीपल के पेड़ की समस्या को लेकर अजय अग्निहोत्री का कहना है कि उनके फ्लैट की छत से पिछले साल एक पेड़ निकल आया। जिसकी जड़ें एमटीएनएल के अधिकार वाले फ्लैट से जुड़ी हुई थीं, वहां का फ्लैट बंद था और धीरे-धीरे उस घर से निकली जड़ें हमारे घर तक पहुंच गई।
पीपल के पेड़ की शिकायत आरडब्ल्यूए और दूरसंचार मंत्रालय से भी की गई, हालांकि यहां से कोई भी मदद नहीं मिलने के कारण अजय को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का रुख करना पड़ा है और पीएमओ में इसकी शिकायत करवानी पड़ी।
अजय ने बताया कि पीएमओ में शिकायत करने के 24 घंटे के भीतर ही समस्या का समाधान हो गया और लोग आकर पेड़ काट गए। हालांकि मरम्मत का काम अच्छे से नहीं किया गया था। लेकिन अब उसी जगह से फिर एक पेड़ निकल आया है। अब अजय अग्निहोत्री ने दावा किया कि अब यह पेड़ पहले से बड़ा 25 फुट का एक और पीपल का पेड़ देखा गया है, जिसकी जड़ें एमटीएनएल के उसी बंद फ्लैट में है।
उन्होंने बताया कि इस पेड़ के कारण उनके घर की छत को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। एमटीएनएल के सीएमडी को पेड़ की फोटो भेजी गई हैं लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं हुआ है।

Check Also

पुराने सहपाठियों के साथ घूमने जा रही 11 महिलाओं की सड़क हादसे में मौत

  धारवाड़। स्कूल की सहपाठियों के साथ गोआ घूमने और पुराने दिनों को याद करने …