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 ट्रेनों में मसाज सुविधा का प्रस्ताव कैंसिल, भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया

नई दिल्ली। पश्चिम रेलवे ने इंदौर से चलने वाली 39 ट्रेनों में यात्रियों के लिए शुरू की जाने वाली सिर, गर्दन और पैरों के मसाज की सुविधा का प्रस्ताव वर्तमान स्वरूप में निरस्त कर दिया है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इंदौर से बनकर चलने वाली रेलगाड़ियों में सिर या पैर की मालिश सेवा शुरू करने का प्रस्ताव पश्चिमी रेलवे के रतलाम मंडल ने शुरू किया था। लेकिन पश्चिम रेलवे के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में जब यह बात आयी तो उन्होंने इसे वापस लेने का आदेश दिया है।

बयान के अनुसार पश्चिम रेलवे सार्वजनिक प्रतिनिधियों, रेलवे उपभोक्ताओं और जनता के सकारात्मक सुझावों की प्रशंसा करती है। ऐसे प्रस्ताव समय समय पर अमल में भी लाये जाते रहे हैं।

बयान में कहा गया है कि पश्चिम रेलवे आरामदायक, सुरक्षित और संरक्षित सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी।

इस संबंध में इंदौर रेल प्रवक्ता ने बताया बीते दिनों सुविधा के संबंध में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सुझाव रेल प्रबंधन को प्राप्त हुए है। जिसमे चलती रेल में प्रस्तावित मसाज सुविधा को यात्रियों की निजता और सुरक्षा के लिहाज से प्रतिकूल बताया गया है।

इसके अलावा यात्रियों के हित मे चिकित्सा, शुद्ध पेय जल और स्वच्छता जैसी सेवाओ को दुरुस्त किए जाने पर बल दिया गया है। जिसके चलते रेल प्रबंधन ने मसाज सुविधा प्रस्ताव को निरस्त कर दिया है। रेल प्रबंधन प्राप्त अन्य सुझावों पर विचार कर सकारत्मक सुधार के प्रयास कर रहा है।

उल्लेखनीय है बीते दिनों मसाज सुविधा शुरू किये जाने के परिपेक्ष्य में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और इंदौर से सांसद शंकर लालवानी ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर सवाल उठाए थे। भारतीय जनता पार्टी के दोनो ही नेताओं ने चलती रेल में मसाज सुविधा दिए जाने को भारतीय संस्कृति के प्रतिकूल बताया था।

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