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युवक ने बनवाया नास्तिक होने का सरकारी प्रमाण पत्र, देश का पहला मामला

 

पानीपत। आपने नास्तिक तो कई देखे होंगे लेकिन अब देश का पहला ऐसा नास्तिक युवक बन गया है जिसके पास बकायदा इसका सरकारी प्रमाण पत्र भी है।

रवि नामक युवक को 2 साल लम्बी कानूनी लड़ाई जीतने के बाद यह अधिकार मिला है। उसने तहसील में अपने नाम के साथ नास्तिक लिखने संबंधी आवेदन किया था। सेल्फ डिक्लेयरेशन के आधार पर तहसील कार्यालय ने उसे ‘नो कास्ट, नो रिलीजन, नो गॉड’ सर्टिफिकेट जारी किया है। इस पर सीरियल नंबर भी डाला गया है।

 

यह है मामला

टोहाना के रहने वाले रवि कुमार ने 2 साल पहले तहसील कार्यालय में आवेदन किया कि वह अपने नाम के आगे नास्तिक लगाना चाहता है। लेकिन तहसील प्रशासन ने ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर दिया। इस पर रवि ने नाम सही करवाने के लिए फतेहाबाद कोर्ट में दीवानी केस किया। इस साल जनवरी में उसे नाम के साथ नास्तिक लिखने की अनुमति मिली थी। अब उपायुक्त के आदेश पर तहसील कार्यालय ने रवि नास्तिक को नो कास्ट, नो रिलीजन और नो गॉड प्रमाण पत्र जारी किया है।

रवि के वकील अमित कुमार सैनी ने बताया कि ‘नो कास्ट, नो रिलिजन, नो गॉड’ सर्टिफिकेट के लिए तहसील कार्यालय ने असमर्थता जताई तो डिप्टी कमिश्नर के पास आवेदन किया। रवि के सभी दस्तावेज जांचे गए। यह पुष्टि की गई कि कहीं रवि का रिकॉर्ड क्रिमिनल तो नहीं। कहीं उसके संबंध किसी अन्य देश के साथ तो नहीं। वह इस प्रमाण पत्र का कोई दुरुपयोग तो नहीं करना चाहता। जब डीसी सभी चीजों से संतुष्ट हो गए, तो उनके आदेश पर उप तहसीलदार ने 29 अप्रैल को सर्टिफिकेट जारी किया।

यह बताई वजह
रवि के पिता इंद्रलाल पेशे से कारपेंटर हैं। रवि ने बताया कि वह नहीं चाहता कि उसकी पहचान वर्ग विशेष से हो। इसीलिए यह प्रमाण पत्र बनवाया है।

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