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महिला की स्पीड पोस्ट के चक्कर में पोस्टमैन ने किया सुसाइड

 

 

अमृतसर। रईया कस्बे के डाकघर में तैनात एक डाकिए ने स्टाफ सदस्यों की तानाकशी से तंग आकर सुसाइड कर लिया। मामला एक महिला की स्पीड पोस्ट से जुड़ा है।

डाकिए जय भगवान ने जहरीला पदार्थ निगल जीवन लीला समाप्त कर ली।  मृतक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट मुताबिक उसने बताया कि मेरे पास रईया की पत्ती छीनेमान की रहने वाली हरप्रीत कौर नाम की एक महिला का स्पीड पोस्ट पत्र आया था। मुझे उस महिला के एड्रेस का पता नहीं था। उस पत्र पर उसके लिखे हुए मोबाइल नंबर को पढ़कर मैंने उस नंबर पर उसे फोन किया तो आगे उसने कहा मैं इस समय घर से बाहर हूं और पत्र प्राप्त करने के लिए हमारे घर कोई नहीं है, इसलिए यह पत्र आप अपने पास रख लो, मैं एक-दो दिन तक आकर ले लूंगी।

मैंने कहा कि इस पर आपके हस्ताक्षर होने हैं, मैं अपने पास नहीं रख सकता, परन्तु उसकी मजबूरी देखकर मैंने पत्र अपने पास रख लिया। एक सप्ताह बीत जाने पर भी वह महिला पत्र लेने नहीं आई। आखिर मैंने उसके घर का पता करउसके घर पत्र देने चला गया तो देखा कि वह महिला घर में मौजूद थी।

 

इस पर मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उसे कुछ ज्यादा-कम बोल दिया। इसको उसने अपनी बेइज्जती समझते 21 सितम्बर को वह अपनी सास को लेकर हमारे कार्यालय आ गई और हमारे पोस्ट मास्टर महेन्द्र सिंह को कहा कि आपका पोस्टमैन मेरे से मोबाइल नंबर मांगता है। मैंने उसकी शिकायत करनी है।

पोस्ट मास्टर ने उसे समझा बुझाकर वापस भेज दिया, परन्तु इसके उपरांत मेरे दफ्तर वालों ने मेरे पर शंका की नजर के साथ ताने कसने शुरू कर दिए। मैं यह बदनामी सह नहीं सका और यह कदम उठा रहा हूं। उसने डाकखाने के अंदर ही कोई जहरीली चीज खा ली। उसे रइया के प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर होने पर उसे अमृतसर के लिए रैफर कर दिया गया। जहां देर रात उसकी मौत हो गई। रईया पुलिस चौकी के इंचार्ज चरण सिंह बलवान ने मृतक की पत्नी अनुबाला के बयानों पर कथित आरोपियों हरप्रीत कौर, पोस्ट मास्टर महेन्दर सिंह व अज्ञात स्टाफ सदस्यों विरुद्ध धारा-306, 120 बी.आई.पी.सी. के अंतर्गत केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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