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आखिर क्यों पड़ी धारा 144 की जरूरत?

 

सिरोही। प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम अपने संदेश में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की। इससे पहले राजस्थान सरकार ने कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रदेश में निषेधाज्ञा यानि धारा 144 लागू कर दी है। आखिर इसकी जरूरत क्यों पड़ी? दरअसल, सरकार कोविड-19 को थर्ड स्टेज से पहले ही रोकना चाहती है।

भारत में कोरोना का संक्रमण फिलहाल सेकंड स्टेज में है। इस स्टेज में संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति के घर में ही इसके परिजनों को संक्रमण फैलता है। वहीं स्टेज 3 वह स्थिति होती है जब ये संक्रमण घर से निकल कर समुदायों और समूहों में फैलने लगता है। इसके बाद ये महामारी का रूप ले लेता है। ऐसी स्थिति आने से पहले सरकारें इसे रोकना चाहती हैं।

सिरोही जिला मजिस्ट्रेट भगवती प्रसाद ने एक आदेश जारी कर बताया कि इस संबंध में राजस्थान सरकार द्वारा जारी निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में जन सामान्य के स्वास्थ्य हित एवं लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से सिरोही जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों का उपयोग कर 31 मार्च 2020 तक के लिए जिले में कोरोना वायरस से होने वाले संक्रमण एवं बीमारी (सीओवीआईडी-19) को दृष्टिगत रखते हुए सभी सार्वजनिक स्थल (यथा पर्यटन स्थल, संग्रहालय, एतिहासिक स्मारक, पार्क, खेल मैदान, चिडियाघर, अभ्यारण्य, सार्वजनिक मेले, स्वीमिंग पूल, सांस्कृति एवं सामाजिक केन्द्र, हाॅटल, रेस्टोरेन्ट, जुलुस/रैली स्थल, धार्मिक स्थल आदि) पर 20 से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर पाबन्दी रहेगी।

यह आदेश हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड, अस्पताल, चिकित्सा प्रतिस्ठान, बैंक, सरकारी व अन्य सार्वजनिक कार्यालय, स्कूलों और काॅलेजों के परीक्षा कक्ष, सीमा सुरक्षा बल, राजकीय डयूटी में तैनात सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, अर्द्ध सैनिक बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, होम गार्ड आदि पर लागू नहीं होगा जो कि राजकीय कार्य एवं कानून व्यवस्था के लिए अपना कर्तव्य निर्वाह कर रहे हो। यदि किसी व्यक्ति, संस्थान को असाधारण स्थिति में उक्त आदेश में छूट प्राप्त की जानी है तो संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट कार्यालय में आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे।

यह आदेश जन सामान्य के जानमाल की सुरक्षा तथा भविष्य में लोक शांति भंग होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है तथा इतना समय उपलब्ध नहीं है कि जन सामान्य व इससे संबंधित सभी पक्षों को उक्त सूचना की तामिली की जा सके। यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144(2) के अन्तर्गत एक पक्षीय पारित किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति उपयुक्त आदेश का उल्लंघन करेगा तो उसके विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के प्रावधानों के तहत अभियोजन किया जाएगा।

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