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दो दिन ठप रही पेट्रोल-डीजल की सप्लाई, देर शाम टूटी हड़ताल

 किसानों ने भी भुगती परेशानी, एचपी के सराधना टर्मिनल से दूसरे दिन देर शाम निकली सप्लाई, दिनभर सैकड़ों टैंकर चालकों का विरोध प्रदर्शन

देर शाम हुआ समझौता

 संतोष खाचरियावास @ अजमेर

 हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सराधना टर्मिनल से शुक्रवार को दूसरे दिन भी आक्रोशित सैकड़ों टैंकर चालकों ने टर्मिनल के गेट नहीं खुलने दिए। इस टर्मिनल से आधे राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई दी जाती है। दो दिन से एक भी टीटी बाहर नहीं निकलने के कारण करीब डेढ़ दर्जन जिलों में एचपी के कई पेट्रोल पंप ‘ड्राई’ होने के हालात हो गए हैं। देर शाम टर्मिनल प्रबंधन झुका तो गतिरोध दूर हुआ। समझौते के बाद कुछ गाड़ियां तेल भरकर बाहर निकली। शनिवार से सप्लाई सुचारू होने के आसार हैं।
हिंडोली बूंदी में एचपी का तेल टैंकर लेकर गए एक टैंकर चालक पर हमले की वारदात के बाद गुरुवार से ही सभी टैंकर चालक टर्मिनल प्रबंधन से अपनी सुरक्षा की मांग लेकर हड़ताल पर हैं। यह गतिरोध शुक्रवार को भी जारी रहा। नौबत यह है कि जिन पेट्रोल पंप मालिकों के निजी टैंकर टर्मिनल में प्रवेश पा चुके थे, उन्हें भी ड्राइवरों ने बाहर नहीं निकलने दिया है। पम्पों तक सप्लाई नहीं पहुंचने से एक-एक कर कई ड्राई होने लगे।

किसानों में खलबली

मौजूदा दौर रबी की फसल का है। मावठ नहीं होने से सिंचाई के लिए ग्रामीण इलाकों के पम्पों पर डीजल की मांग बढ़ गई है। मगर एचपी के पम्पों पर डीजल नहीं पहुंचने से किसानों में खलबली मची। वे दूरदराज से दूसरी कम्पनी के पम्पों से डीजल की खरीद करने लगे।

पम्प संचालकों में रोष

कम्पनी के खाते में करोड़ों रुपए एडवांस जमा कराने के बावजूद टर्मिनल प्रबंधन दूसरे दिन भी पेट्रोल पम्प संचालकों तक सप्लाई नहीं पहुंचा सका है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही ग्राहकों को भी पेट्रोल-डीजल के लिए भटकना पड़ रहा है।

कोटा से आरएम पहुंचे

मामला पूरी तरह बिगड़ते देख कम्पनी के कोटा रीजनल ऑफिस से रीजनल मैनेजर यहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि कम्पनी ने उन डीलर्स को टर्मिनल में बुलाया जिनका पैसा जमा है लेकिन सप्लाई नहीं दी जा सकी। उन्हें हालात से अवगत कराया गया।

दूसरा बड़ा टर्मिनल

अजमेर के सराधना स्थित एचपी का टर्मिनल राज्य में जयपुर के बाद दूसरा बड़ा टर्मिनल है। यहां से रोजाना सैकड़ों टैंकर भरकर निकलते हैं और राज्य के अंतिम छोर बांसवाड़ा तक सप्लाई देते हैं। तीसरा टर्मिनल जोधपुर में है लेकिन वह भी अजमेर टर्मिनल पर ही आश्रित है। यहां सप्लाई ठप होने से जोधपुर सम्भाग में भी कई पम्प ड्राई हो गए।

यह हुआ समझौता

टैंकर चालकों ने अपनी तरफ से कांग्रेस नेता हाजी इंसाफ अली को मौके पर बुला लिया। उन्होंने टर्मिनल प्रबंधन से बात की। टैंकर चालकों ने मांग रखी कि टैंकर चालक पर हमले के आरोपी दोनों डीलर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाए। दोनों डीलर की सप्लाई 6 महीने के लिए बंद कर दी जाए। दोनों डीलर जब तक टर्मिनल में नहीं आएंगे, तब तक वे हड़ताल नहीं तोड़ेंगे। बाद में इंसाफ अली ने बताया कि टर्मिनल प्रबंधन ने कुछ मांगें मान ली हैं। इनमें टर्मिनल के पास टैंकर चालकों के लिए रेस्ट रूम बनाया जाएगा। दूसरे शहर जाने वाले टैंकर पहले भरे जाएंगे। समझौता होने के बाद देर शाम को टर्मिनल से कुछ स्थानीय पम्प संचालकों को सप्लाई दी गई। शनिवार से सप्लाई पूरी तरह बहाल होने की सम्भावना है।

 उठे कई सवाल

पेट्रोल-डीजल टर्मिनल अति संवेदनशील क्षेत्र में शामिल है। यहां की सुरक्षा अति महत्वपूर्ण है। यहां से रोजाना करोड़ों रुपए का पेट्रोल-डीजल बिकने के लिए निकलता है। इन दो दिनों में जहां पम्प संचालकों सहित किसानों एवं आम ग्राहकों को परेशानी हुई, वही खुद कम्पनी को भी आर्थिक नुकसान हुआ है। इस घटनाक्रम एवं गतिरोध को समय रहते वार्ता के जरिए पहले दिन ही टाला जा सकता था। कम्पनी को हुए नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है, किसकी क्या भूमिका होनी चाहिए थी और क्या रही? ऐसे कई सवाल अभी बाकी हैं।

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