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चला गया हमारा बजाज…आज राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार

पुणे। बुलन्द भारत की बुलन्द तस्वीर…हमारा कल हमारा आज…बजाज.. बजाज स्कूटर के विज्ञापन की इस टैग लाइन से लोगों के दिलों में उतरे बजाज ग्रुप के कर्ता धर्ता हमें छोड़ गए हैं।

 

 

मशहूर उद्योगपति और पद्मभूषण से सम्मानित राहुल बजाज का शनिवार को निधन हो गया। वे 83 वर्ष के थे। बजाज समूह के पूर्व चेयरमैन ने पुणे स्थित रूबी हाल अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी जमनालाल बजाज के पौत्र थे। जमनालाल बजाज राजस्थान के सीकर जिले के काशी का बास गांव से थे।

अस्पताल के चेयरमैन डा. परवेज ग्रांट ने बताया कि राहुल बजाज का शनिवार दोपहर ढाई बजे निधन हो गया। हृदय और फेफड़े संबंधी बीमारियों के चलते उनका निधन हुआ। पिछले एक महीने से अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

 

उनके निधन की खबर आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत देश के तमाम राजनीतिज्ञों और उद्योगपतियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे दुख व्यक्त करते हुए घोषणा की है कि राहुल बजाज का अंतिम संस्कार रविवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

सन 1938 में हुआ था जन्म

बजाज ग्रुप के पूर्व चेयरमैन राहुल बजाज का जन्म 10 जून, 1938 को कोलकाता में मारवाड़ी बिजनेसमैन कमलनयन बजाज और सावित्री बजाज के घर हुआ था। बजाज और नेहरू परिवार में तीन पीढ़ियों से पारिवारिक दोस्‍ती चली आ रही थी। राहुल के पिता कमलनयन और इंदिरा गांधी कुछ समय एक ही स्कूल में पढ़े थे।

 

राहुल बजाज अपनी बात को बेलाग तरीके से कहने के लिए जाने जाते थे। राहुल बजाज ने अर्थशास्त्र से स्नातक किया था। इसके अलावा उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की थी। उनके पास हार्वर्ड विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री भी थी। वे राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके थे। विश्व आर्थिक मंच में अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिषद की अध्यक्षता भी वे कर चुके थे।

देश के शीर्ष नेताओं ने दी श्रद्धांजलि  

राहुल बजाज के निधन पर कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट किया, एक सफल व्यवसायी, समाजसेवी और बजाज समूह के पूर्व चेयरमैन राहुल बजाज को मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि। पिछले कई वर्षो से मेरा उनके साथ व्यक्तिगत संबंध था।

 

पांच दशकों से बजाज समूह का नेतृत्व करने वाले राहुलजी ने उद्योग जगत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, राहुल बजाज का निधन भारत के व्यावसायिक जगत के लिए नुकसान है। राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि राहुल बजाज अपनी दोपहिया तकनीक-बजाज बाइक के जरिये समाज के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों में बदलाव लाने में कामयाब रहे। सस्ते वाहन से आवागमन बढ़ा और इसने आजीविका के लिए लोगों के संघर्ष को आसान किया। उद्योग जगत के प्रति असाधारण योगदान के लिए देश उनका ऋणी रहेगा।

बजाज ग्रुप को ऊचांइयों पर पहुंचाया

वर्ष 1965 में राहुल बजाज ने बजाज ग्रुप में पदभार ग्रहण किया था। उनके नेतृत्व में बजाज ग्रुप ने आसमान की ऊचाईयों को छुआ। कंपनी की टर्नओवर 7.2 करोड़ से 12 हजार करोड़ तक उन्होंने ने ही पहुंचाया। राहुल करीब 50 वर्षों तक बजाज ग्रुप के चेयरमैन रहे, साल 2005 में उन्होंने अपने बेटे राजीव को बजाज आटो का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाकर कंपनी की कमान सौंपी थी।