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जिग्नेश मेवानी के बिगड़े बोल, प्रधानमंत्री को कहा ‘नमक हराम’

पटना। गुजरात से विधायक जिग्नेश मेवानी ने पटना के गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ‘भाजपा हराओ, देश बचाओ’ रैली को संबोधित करते हुए जिग्नेश मेवानी ने 9 मिनट के भाषण में 6 बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘नमक हराम’ कहकर संबोधित किया। इस दौरान मंच पर पूर्व राज्यसभा सांसद शरद यादव, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और सीपीआई नेता डी. राजा आदि मौजूद थे।

मेवानी ने भाषण की शुरुआत में पीएम मोदी को कप्तान कहकर संबोधित किया और कहा कि वह ‘नमक हराम’ हैं और उनकी सबसे ज्यादा नमक हरामी गुजरात की जनता ने देखी है। प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए जिग्नेश ने कहा कि वह बिहार समेत देश की 130 करोड़ की जनता से माफी मांगते हैं कि गुजरात ने ऐसा मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट वाला पीस दिल्ली भेज दिया।

इसके अलावा मेवानी ने हाल ही में गुजरात में काम करने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार से आए मजदूरों की पिटाई का मामला उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री कितने ‘नमक हराम’ हैं।  इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गुजरात में उत्तर भारतीयों की पिटाई हो रही थी। मगर इन ‘नमक हराम’ की जुबान से एक शब्द नहीं निकला। जिग्नेश ने कहा क्योंकि प्रधानमंत्री ने गुजरात में उत्तर भारतीयों के साथ हुई पिटाई के मुद्दे पर अपनी जुबान नहीं खोली। इसलिए देश की जनता को इस ‘नमक हराम’ को पहचान लेना चाहिए।

रैली को संबोधित करते हुए मेवानी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के लिए भूख, महंगाई, तेल की बढ़ती कीमत, उना में दलित पर अत्याचार और दो करोड़ सालाना रोजगार पैदा करना कोई मुद्दा नहीं है, बल्कि उनके लिए असली मुद्दा गाय का है। इस दौरान कुछ पलों के लिए बिजली गुल हो गई और माइक काम नहीं कर रहा था, तो जिग्नेश मेवानी को कुछ देर के लिए अपना भाषण रोकना पड़ा। इसको लेकर भी उन्होंने टिप्पणी कर दी और कहा कि रैली में बिजली गुल हो जाना भी ‘नमक हराम’ की साजिश है।