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मोदी राज में हर नदी-तालाब से सी-प्लेन उड़ाने का सपना

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने देश की सभी नदियों को आपस में जोड़ने का सपना देखा था जो अब तक अधूरा है। इसी बीच सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने नया सपना देखा है। उनकी मंशा है कि मोदीराज में देश के सभी नदी-तालाबों को सी-प्लेन सेवा से जोड़ दिया जाए। इससे लोगों को सस्ता परिवहन साधन मिलने के साथ ही पर्यटन भी बढ़ेगा।

दरअसल पिछले दिनों गुजरात चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सी-प्लेन का उपयोग तुरुप के पत्ते की तरह कर सबको चौंका दिया था। उसी से प्रेरणा लेते हुए गडकरी ने नया सपना बुना है।

गत दिनों मुंबई के गिरगांव चौपाटी पर किफायती एयरलाइन सेवा देने वाली निजी क्षेत्र की कंपनी स्पाइस जेट के सी-प्लेन परीक्षण के दौरान गडकरी ने यह मंशा जताई। परीक्षण में विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू भी उपस्थित थे।

गडकरी ने कहा कि सी-प्लेन की शुरुआत की जाए तो देश में हजार सी-प्लेन उड़ानें की क्षमता है। यहां तीन से चार लाख तालाब हैं। ढेरों बांध हैं। 2,000 नदी बंदरगाह हैं। 200 छोटे और 12 बड़े बंदरगाह हैं। इनका उपयोग करते हुए सी-प्लेन चलाने से लागत कम आएगी। सी-प्लेन केवल एक फुट गहरे पानी में खड़े हो सकते हैं और इन्हें 300 मीटर के छोटे से जलीय रनवे की जरूरत होती है। इनकी गति 400 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। इनमें अपार क्षमता है।

 

उनका मंत्रालय और विमानन मंत्रलय जल्द इसके लिए नियमों को अंतिम रूप देंगे। इनके लिए अमेरिका, जापान और कनाडा में अलग-अलग नियम हैं। हम तीन महीने में इनका अध्ययन कर लेंगे। गडकरी ने हाल में विमानन मंत्री से एक इंजन वाले सी-प्लेन के संचालन की अनुमति देने की अपील भी की है।

सी-प्लेन, क्रूज, जलमार्ग, इलेक्टिक वाहन, पॉड टैक्सी और एक्सप्रेसवे परिवहन क्षेत्र का भविष्य हैं।

50 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

गडकरी ने कहा, ‘हम परिवहन क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव की कोशिश कर रहे हैं। देश अभी सात लाख करोड़ रुपए के कच्चे तेल का आयात करता है। हमने ज्यादा किफायती, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी विकल्प विकसित करने का फैसला किया है। धीरे-धीरे परिवहन व्यवस्था को बिजली, एथनॉल, मेथनॉल, बायो डीजल, बायो सीएनजी और ऐसे ही अन्य माध्यमों से संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। इससे देश में कम से कम 1,000 नए उद्योग लगेंगे और 50 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।