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सोशल मीडिया पर उल जुलूल सन्देश भेजने वाले डॉक्टरों की अब खैर नहीं

रायपुर। फेसबुक और व्हाट्सएप में बेलगाम हो रही पोस्ट पर अब छत्तीसगढ़ सरकार सख्त हो गयी है। फेसबुक व व्हाटसएप फोबिया वाले सरकारी चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग के सभी अफसर व कर्मचारियों को लेकर प्रमुख सचिव ने एक निर्देश जारी किया है।

नये निर्देश के मुातबिक अब फेसबुक, व्हाट्सएप सहित अन्य किसी भी तरह की सोशल साइट पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर अफसरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी। सरकार स्वास्थ्य विभाग के सभी सरकारी कर्मचारियों, अफसरों व डाक्टरों के सोशल साइट पर होने वाले सभी तरह के पोस्ट पर पैनी नजर रखेगी।

 

अगर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी की गई तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव सुब्रत साहू के आदेश के मुताबिक सरकारी चिकित्सकों सहित सभी विभागीय अफसर सोशल मीडिया जैसे वाट्सएप व फेसबुक सहित अन्य माध्यमों का उपयोग करते हैं। परिचितों के साथ मैसेज शेयर करते हैं।

 

लेकिन इनमें कई मैसेज अशोेभनीय होने के साथ ही आपत्तिजनक भी होते हैं। ये सरकार व शासन के खिलाफ भी होते हैं। सरकारी अफसरों को सोशल मीडिया का उपयोग करते समय सिविल सेवा आचरण नियमों का पालन करना चाहिए। नियमों की मर्यादा के तहत ही मैसेज किए जाने चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। चिकित्सकों सहित विभाग के सभी अफसरों व कर्मचारियों से यह अपेक्षा है कि सोशल मीडिया सुविधा का उपयोग अनुशासन में रहते हुए किया जाए।

 

अब अगर किसी भी सरकारी सेवक के खिलाफ शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग के एक अधिकारी ने दिवाली में अश्लील वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो की पूरे विभाग में जबर्दस्त चर्चा रही। तब से ही स्वास्थ्य विभाग सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखे हुए है।

हाल के दिनों में गृहमंत्री के भी एक निज सचिव ने भी एेसे ही कुछ अश्लील मेसेज वायरल किए थे। इन सभी मामलों पर लंबे विचार विमर्श के बाद सोमवार को प्रमुख सचिव ने आदेश जारी किया। सरकारी डाक्टरों के साथ ही खाद्य विभाग के संचालक, सभी मेडिकल कालेजों के डीन, डीएमई, संयुक्त संचालक सहित सभी कर्मचारियों के सोशल साइट पर होने वाले पोस्ट पर नजर रखी जाएगी