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MP में कमलनाथ बनेंगे मुख्यमंत्री, इंदिरा गांधी मानती थीं तीसरा बेटा

भोपाल। मध्यप्रदेश में 15 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस को आखिरकार भरपूर सियासी ड्रामे के बाद अपना सीएम मिल ही गया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच सीएम की कुर्सी को लेकर चल रही खींचतान में आखिर कमलनाथ ने बाजी मार ली है। गुरुवार को दिल्ली में दिनभर चले गहन मंथन के बाद देर रात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कमलनाथ के नाम पर मुहर लगा दी है। साथ ही विधायक दल की बैठक में उन्हें अपना नेता चुन लिया गया। इससे सिंधिया के समर्थकों में रोष फैल गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके कमलनाथ को इंदिरा गांधी अपना तीसरा बेटा मानती थीं।

कुल 230 सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस को 114 सीट मिली हैं जबकि बहुमत के लिए 116 सीटों की जरूरत है। बीजेपी को 109 सीट मिली है। यहां बीएसपी व अन्य की 7 सीटें हैं। बुधवार को कमलनाथ, ज्योतिरादित्य व अन्य नेताओं ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया जिसमें 121 विधायक कांग्रेस के साथ होने का दावा किया था।


इसके बाद सीएम का नाम चयन करने के लिए गेंद राहुल गांधी के पाले में आई। बहन प्रियंका वाड्रा व मां सोनिया गांधी की सलाह के बाद राहुल ने कमलनाथ को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री घोषित कर दिया।

मालूम हो कि इस बार किसानों की नाराजगी शिवराज सरकार पर भारी पड़ी है। व्यापमं घोटाले के कारण सरकार की छवि पर बेहद बुरा असर पड़ा। इसके अलावा हिंदुत्व के मुद्दे को हवा देने भी भाजपा को महंगा साबित हुआ है। राम मंदिर मुद्दे पर केवल दिलासा देने की नीति ने बीजेपी को झटका दिया है।