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जंग निरोधक घोटालों की फैक्ट्री में भयंकर विस्फोट 

 

ब्यावर की श्रीसीमेंट में आयकर विभाग ने किया कॉरपोरेट क्षेत्र के सबसे बड़े घोटाले का पर्दाफ़ाश!!

 

अंग्रेज़ी के अक्षर पांच पी (P) वाले काले चेहरे आ सकते हैं सामने!!

सुरेन्द्र चतुर्वेदी

अजमेर। ब्यावर के पास चल रही थी घोटालों की फैक्ट्री! जंग निरोधक घोटाले!पूरी फैक्टरी में हो रहे थे सीमेंटेड घोटाले ! बहुत पहले मैंने इस फैक्ट्री प्रबन्धन के विरूद्ध ब्लॉग पोस्ट किया था!तब कई पत्रकार! राजनेता!अधिकारियों और फैक्ट्री के दल्लों के फ़ोन आए थे! फैक्ट्री की कार्यप्रणाली को देखने और परखने के बाद लिखने की नसीहत वाले ! तब भी मैंने कह दिया था कि पूरे तंत्र में जंग लग गया है। एक दिन खनन क्षेत्र का बहुत बड़ा घोटाला ब्लास्ट होगा! देख लीजिए हो गया! पूरे 23 हज़ार करोड़ से अधिक का! जितनी सीमेंट नहीं बन रही थी उससे अधिक घोटाले हो रहे थे!

 

मज़ेदार रहस्य ये है कि इस घोटाले में बंदर बांट ऊपर से बहुत नीचे तक हो रही थी। लंबे समय से हो रही थी। श्री सीमेंट नाम से देश भर में जंग निरोधक सीमेंट के नाम पर उपभोक्ताओं को लूटा जा रहा था! ईमानदार कर्मचारियों और अधिकारियों को घर का रास्ता दिखा के बेईमानी तेरा ही आसरा के नारे लगाए जा रहे थे! अंग्रेज़ी के पाँच “P” अक्षरों को पैसा देकर साधा जा रहा था।*

कौनसे थे पांच P देख लीजिए।
पुलिस(P), पोलटिशन(P), प्रेस(P) पब्लिक लीडर्स (P) पंचायत (P)
इन पांचों P में पुलिस! पोलटिशन!और प्रेस !सबसे ज़ियादा प्रभावशाली थी!बड़े बड़े अधिकारियों और राजनेताओं के बच्चों और रिश्तेदारों को नौकरी देकर उपकृत किया जा रहा था, ताकि घोटालों का कुशल सम्पादन किया जा सके! मसूदा विधायक के पुत्र घोटालों की इसी फैक्टरी से मोटी रकम बतौर अधिकारी ले रहे हैं। बड़े बड़े विधायकों और मंत्रियों तक आर्थिक प्रबन्धन किया जाता रहा! पुलिस अधिकारियों को भी यह घोटाला फैक्ट्री पालती रही। बड़े बड़े उत्सवों और सामाजिक कार्यों में चंदा देने वाली इस फैक्ट्री ने अपने घोटालों के विरुद्ध आवाज़ उठने ही नहीं दी! और तो और प्रदेश की कई बड़ी न्यूज़ एजेंसियों ! चैनलों !पत्रकारों!को आर्थिक रूप से क़ाबू में किए रखा। सरकारी अधिकारियों ने भी ख़ूब मलाई के लड्डू खाए! कई गधेनुमा अधिकारियों ने मन्त्रियों की आड़ में गुलकंद का सेवन किया।


श्री सीमेंट लिमिटेड कम्पनी के अंधेरी देवरी प्लांट मसूदा, पाली ज़िले के रास, नवलगढ़ के गोठड़ा प्लांट, जयपुर, उदयपुर एवं चितौड़गढ़ सहित 24 स्थानों पर एक साथ हुई आयकर विभाग की कार्यवाही ने 23 हज़ार करोड़ रुपयों के बड़े घोटाले का ख़ुलासा किया है।

श्री सीमेंट ग्रुप के काले कारोबार का ख़ुलासा देश का सबसे बड़ा कॉरपोरेट घोटाला गिना जा रहा है इसमें 23 हज़ार करोड़ रुपये के फ़र्ज़ी दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए हैं।

आयकर विभाग द्वारा की गई छापे की कार्यवाही में सामने आया है कि प्रतिवर्ष 14 सौ करोड़ रुपये का फ़र्ज़ी बाड़ा किया जाता रहा।सरपंच,ग्राम पंचायत,और स्थानीय निकायों से फ़र्ज़ी एग्रीमेंट भी किये गए। इनसे केंद्र और राज्य सरकारों को करोड़ों का चूना लगाया गया।आयकर विभाग के आला अधिकारियों ने अपना नाम न बताने के शर्त पर जानकारी दी कि फैक्ट्री के आला अधिकारियों ने तो जांच के दौरान पूछे गए सावालों के जवाब ही नहीं दिए। सब अगल बगल की बातें करके अपनी ख़ाल बचाते रहे।

और तो और ग्रुप के चेयरमैन एच ऐन बांगड़, वाइस चेयरमैन प्रशांत बांगड़ छापेमारी के बाद से ही अदृश्य हो गए।यही नहीं मेनेजिंग डायरेक्टर नीरज आखोरी, नितिन देसाई,श्रीकांत सोमानी और सी एफ ओ सुभाष जाजू भी कहानी से फ़रार हो गए हैं।

चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की बोलती बंद है। एक दशक से कोई टैक्स क्यों नहीं भरा आयकर विभाग के इस यक्ष प्रश्न का कोई जवाब नहीं दे पाया। और तो और वाइस प्रसिडेंट अरविंद खींचा भी अपने खींचे जाने के डर से आयकर विभाग के सामने नहीं आए।

फ़रार अधिकारियों की लिस्ट में नीरज आखोरी,नितिन देसाई, श्रीकांत सोमानी और सुभाष जाजू भी शामिल हैं जिनका कोई अता पता नहीं बता पा रहा।

मामला यहां तक आ पहुंचा है कि शीघ्र ही आयकर विभाग की “जंग निरोधक टीम” रीयल स्टेट, माइन्स और अन्य बड़े उधोगपतियों पर भी छापेमारी कर सकती है।

सूत्रों ने मुझे जानकारी दी है कि घोटाले की पूरी जानकारी को लेकर सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की जा सकती है।

मित्रों! यदि मामले की जड़ तक पहुंचा गया तो मेरा दावा है कि इस खेल में कई विधायकों ! राजनेताओं और उद्योगपतियों की गर्दनें नप जाएंगी!