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मध्य प्रदेश में भारी बारिश से हाहाकार, 200 गांव जलमग्न, सेना ने संभाली कमान

भोपाल। मध्यप्रदेश में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर है। अतिवृष्टि और बाढ़ से ग्वालियर-चंबल संभाग के शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, ग्वालियर एवं भिंड जिलों के अलावा रीवा जिले में लगभग 1171 गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें से कुल 200 गांव बाढ़ के पानी से अब भी घिरे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीड़ितों को एयरलिफ्ट करने के लिए वायुसेना के 5 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं। कई स्थानों पर पटरियां पानी में डूबी हुई है।

नदियां खतरे के निशान के ऊपर : शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, मुरैना जिलों में बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना बुलाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। कई इलाकों में सेना की तैनाती भी की गई है। प्रदेश में कई जगहों पर जल स्तर बढ़ने के बाद बांधों के गेट खोलने से सैकड़ों गांव टापू बने हुए हैं। चंबल, पार्वती और बेतवा नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं।

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इंदौर इंटरसिटी ट्रेन में 17 घंटे फंसे रहे यात्री : ग्वालियर से इंदौर रवाना हुई इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेक पर पानी भरने और इलेक्ट्रीक पोल टूटने से 17 घंटे तक पाडरखेड़ा स्टेशन पर फंसी रही। इसमें 500 से ज्यादा यात्री सवार थे। हालांकि रेलवे का कहना था कि ट्रेन को शार्ट टर्मिनेट किया गया था।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों ने बाढ़ में फंसे करीब 1600 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुiचाया है।
चौहान ने प्रभावित गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि हम आपकी चिंता कर रहे हैं। राहत शिविर और भोजन की व्यवस्था करने के निर्देश दे दिए गए हैं। अफवाहों पर ध्यान न दें। सभी बांध सुरक्षित हैं, आत्म-विश्वास रखें। सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।