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माराडोना की सोने की आदमकद मूर्ति बनाने की घोषणा

कोच्चि। प्रमुख व्यवसायी, परोपकारी और खिलाड़ी बॉबी चेम्मनूर ने फुटबॉल लीजेंड अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना की याद में एक विश्व स्तरीय संग्रहालय बनाने की सोमवार को घोषणा की। इस संग्रहालय में किवदंती बन चुके माराडोना की सोने की आदमकद मूर्ति भी स्थापित की जाएगी और यह इस संग्रहालय का प्रमुख आकर्षण होगी। माराडोना का हॉल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।

यह आदमकद मूर्ति ‘द हैंड ऑफ गॉड’ की होगी। यह मूर्ति अर्जेंटीना खिलाड़ी के 1986 के फीफा विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में किये गए गोल को प्रदर्शित करेगी। माराडोना ने इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ इसी मैच में जो दूसरा गोल किया था उसे फीफा विश्व कप का सर्वश्रेष्ठ गोल माना जाता है। अर्जेंटीना ने 1986 का विश्व कप जीता था।

 

यह प्रस्तावित संग्रहालय कोलकाता या दक्षिण भारत में बनेगा। चेम्मनूर इंटरनेशनल ग्रुप के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बॉबी के अनुसार यह माराडोना के प्रोफेशनल और व्यक्तिगत जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करेगा। उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह संग्रहालय कला और प्रौद्योगिकी के सौंदर्यशास्त्र का अद्भुत नमूना होगा।

बॉबी ने बताया कि कई एकड़ जमीन में बनने वाले इस संग्रहालय में इसके मुख्य आकर्षण के रूप में माराडोना की सोने की एक मूर्ति स्थापित की जाएगी। बॉबी ने ही आठ साल पहले फुटबाल की इस महान हस्ती को केरल के दौरे पर लाने में मुख्य भूमिका निभाई थी।

एक दशक तक माराडोना के साथ अपनी घनिष्ठ मित्रता को याद करते हुए बॉबी ने कहा कि महान फुटबाल खिलाड़ी के साथ उनकी मित्रता 2011 में दुबई में शुरू हुई थी। बाद में माराडोना ने दुबई में एक चेम्मनूर ज्वैलरी शोरूम का उद्घाटन किया।

बॉबी ने माराडोना को उनकी आकृति में एक छोटी सोने की मूर्ति भेंट की थी। इसे स्वीकार करते हुए फ़ुटबॉल स्टार ने द हैंड ऑफ़ गॉड को प्रदर्शित करने वाली आदमकद सोने की मूर्तिकला देखने की इच्छा व्यक्त की थी।

सामाजिक कार्यकर्ता और मार्शल आर्टिस्ट बॉबी ने कहा की उन्हें ख़ुशी है कि वह इस लीजेंड खिलाड़ी की उस इच्छा को पूरा करने जा रहे हैं। बॉबी चेम्मनूर समूह 157 साल पुराना है जिसका मुख्यालय त्रिचूर में है और दुनिया भर में इसके 50 से अधिक आउटलेट्स हैं।

अर्जेंटीना के फुटबाल खिलाडी ने मार्च 2018 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था और उसके बाद से वह इस समूह के एम्बेसडर थे। माराडोना ने अक्टूबर 2012 में कन्नूर में चेम्मनूर ज्वेलर्स के एक शोरूम का उद्घाटन किया था। उन्होंने राज्य के उत्तरी हिस्से का दो दिन का दौरा किया था।

58 वर्षीय बॉबी ने कहा कि यह संग्रहालय माराडोना के प्रति उनकी श्रद्धांजलि है। यह संग्रहालय उस महान खिलाड़ी और उनके फुटबॉल के बारे में जानकारियों का भंडार होगा। यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के मनोरंजन के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करेगा। संग्रहालय के क्यूरेटर कलाकार-लेखक बोनी थॉमस होंगे, जो कोच्चि बिनाले फाउंडेशन के संस्थापक-ट्रस्टी हैं।